प्रदूषण के बारे में सोचू

sm wआय दिन बढ़ईत यातायात आर फैक्ट्री से निकलल गंदा पदार्थ के कारण वातावरण बहुत दूषित हो रहल हई। कारण कि एक त लोग आराम अउर कम मेहनत करे चाहई छथिन। पहिले के अपेक्षा तनको न लोग मेहनत करे चाहई छथिन। जेकर नतिजा हई कि इ बढ़ईत प्रदूषण के कारण लोग सब में तरह-तरह के बिमारी होई छई अउर मोटरगाढ़ी के धुआं फैक्ट्री के कचड़ा से लोग के खाना पिना से लेके सांस लेवे वाला गैस (आॅक्सीजन) भी दूषित हो रहल हई। जेई कारण बच्चा से लेके बड़ा आदमी तक बिमारी के शिकार हो रहल हई। ऐई से सिर्फ आदमी ही न बल्कि पशु से लेके वातावरण के सब सांस लेवे वाला प्राणी पर खराब असर हो रहल हई।
ऐई से लोग के आयु सीमा भी कम हो रहल हई। शरीर के विकास भी कम हो रहल हई। पहिले के लोग पैदल दस-बारह कोष चल जाईत रहलथिन। लेकिन अब लोग कुछ चले के बाद थक चाई छई। इ सब भी प्रदूषण के कारण ही होई छई।
अधिकांस फैक्ट्री जहां ज्यादा लोग रहई छई उहंे पर खोलल जाई छई। जेईसे से निकले वाला धुआं अउर गंदा पानी आस-पास के लोग पर सबसे ज्यादा खराब असर डालई छई। जबकि नियम हई कि कोई भी फैक्ट्री बस्ती या गांव से एक किलोमीटर दूर लगे। लेकिन ऐई नियम के बारे में सरकार कयला न सोंचई छथिन। अगर सरकार ऐई पर ध्यान देतियथिन त जनता के कोई बिमारी के सामना न करे के होतियई।