पियै खातिर पानी का तरसैं

खराब हवै हैण्डपम्प
खराब हवै हैण्डपम्प

जिला चित्रकूट, ब्लाक मऊ, कस्बा खण्डेहा चैराहा। हिंया रोजै हजारन मड़ई आवत जात हवै, पै एक हफ्ता से हैण्डपम्प खराब परा हवै। या कारन प्रधान से कहा गा हवै, पै प्रधान कउनौ ध्यान नहीं दिहिस आय।
हिंया के रामनरेश, प्रेमिया अउर सम्पत समेत पांच मड़इन का कहब हवै कि पानी पियै खातिर बहुतै परेशानी होत हवै। एक हैण्डपम्प लाग रहै, पै वा एक हफ्ता से खराब हवै। कोटा के दुकान भी सउहैं हवै तौ आवै जाये वाला मड़ई पानी पियै खातिर हिंया हुंवा भटकत हवैं, पै प्रधान एकौ नहीं सोचत आय अउर हमैं तौ पानी खातिर लगभग आधा किलो मीटर दूर जाये का परत हवै। प्रधान भइयन कोल का कहब हवै कि मोहिका अबै पता नहीं रहै। अबै पता होइगा हवै तौ हैण्डपम्प बनवा देहूं।
ब्लाक पहाड़ी, कस्बा पहाड़ी। हिंया का हैण्डपम्प लगभग एक बरस से खराब हवै। यहै से पानी खातिर लगभग एक हजार मड़ई समस्या का सामना करत हवै। हैण्डपम्प बनवावैं खातिर कइयौ दरकी प्रधान बद्री प्रसाद से कहा गा, पै वा कउनौ ध्यान नहीं देत आय।
कस्बा के रामनरेश समेत लगभग दस मड़इन का कहब हवै कि हिंया हजारन यात्री आवत जात हवै। उंई पियै खातिर पानी का हिंया हुंवा ढ़ूढ़त हवैं। अब तौ गर्मी का समय आ गा हवै। हिंया रहै वाले मड़ई बिसण्डा रोड के लगे हैण्डपम्प से पानी भरैं जात हवै। अगर हैण्डपम्प बन जाये तौ बहुतै नींक रहै। यहै से हैण्डपम्प बनवावैं खातिर कइयौ दरकी प्रधान बद्री प्रसाद से कहे हन, पै वा ध्यान नहीं देत आय।
प्रधान बद्री प्रसाद से बात करैं के कोशिश कीन गे, पै वा नहीं मिला। या कारन फोन से बात कीन गे। वहिकर कहब हवै कि हैण्डपम्प कइयौ दरकी बनवा दीने रहौं, पै वा खराब होइ जात हवै। अब नवा हैण्डपम्प लगवावैं के कोशिश करिहौं।