पत्रकार प्रफुल्ल बिदवई का देहांत

(फोटो साभार: हेनरिक बोल स्टिफ्टुंग | विकिपीडिया)
(फोटो साभार: हेनरिक बोल स्टिफ्टुंग | विकिपीडिया)

नीदरलैंड्स, यूरोप। पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता और समाज विज्ञानी प्रफुल्ल बिदवई का देहांत 24 जून को हो गया। उनकी उम्र छियासठ साल की थी। उनका देहांत नीदरलैंड्स के एम्सटरडैम शहर में हुआ।

उनकी मौत गले में खाना फंसने से हुई। बिदवई पर्यावरण, वैश्विक न्याय और शांति जैसे मुद्दों पर लिखते थे। उनके लेख कई अखबार और पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए। उन्होंने पर्यावरण, विकास, विज्ञान तकनीकी, राजनीति पर कई किताबें लिखीं।

बिदवई का जन्म मुंबई में 1949 में हुआ था। उन्होंने आई.आई.टी. मुंबई से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विषय पर पढ़ाई की थी। उसके बाद दर्शन शास्त्र और राजनीति की भी पढ़ाई की। बिदवई कई सामाजिक और राजनीतिक आंदलनों से जुड़े रहे थे। सबसे अहम था पर्माणु हथियारों के खिलाफ शुरू किया गया आंदोलन जिसके बारे में बिदवई ने काफी लिखा था। 27 जून को दिल्ली में उनका क्रियाकर्म किया गया।