न मिलई छई देहाती मछली

sh wजिला शिवहर के लोग सब के नदी के मछली न मिल रहल हई। जेई कारण लोग अउर मछली बेचे वाला के देहाती मछली के बदले बर्फीली मछली खरीदे के परई छई।
शिवहर बाजार में आयल लोग राकेश कुमार, अरूण राय अवधेश महतो राजू पासवान कहलथिन इहां देहाती मछली न मिलई छई। वर्फ वाला मछली ज्यादा मिलई छई। नदी के मछली खाये के लेल सोचे के परई छई। मिलवो करई छई त बहुत महंगा रहई छई। जेई कारण लोग खरीद न पवई छई। लेकिन वर्फ वाला मछली खाये के परई छई।
मछली बेचे वाला टुनटुन सहनी, बथू महतो, तेजा पासवान कहलथिन कि अब त नदी नाला बहुत कम हई। जेई कारण मछली न मिलई छई। जहां नदी नाला हई ओई में मछली न रहई छई। मत्स्य पालन पदाधिकारी शंभू नायक कहलथिन कि जिला में एक सौ आठ तलाब हई। जेईमें व्यवसाय करेवाला करीब ढ़ाई हजार लोग हई। सब व्यसायी के पास तलाब न हई। जेई कारण मछली के कमी पर रहल हई।