न्याय खातिर लड़त मुकदमा

12-12-13 Mahila muddaजिला वाराणसी ब्लाक चोलापुर गांव गरथौली। अपने पति से तालाक खातिर के इ मेहरारू आठ साल से लड़त हईन कानूनी लड़ाई।
गरथौली गावं के एक मेहरारू बतावलीन कि एक समय रहल जब हमरे ससुराल वालन हमके नहियरे में नाहीं रहे देत रहलन। जब हमके दू बच्चा हो गइलन त हमार पति हमके नहियरे में पहुंचा देहलन। आउर अपने दूसरे मेहरारू के साथे रहे लगलन। जब हमके मालूम चलल तब हम आए लेकिन हमके भगा देहलन। हम जाके थाने में रिपोर्ट लिखवउली। आज हमके मुकदमा लड़त करीब आठ साल हो गएल हव। हम अपने आउर अपने बच्चन के खर्चा खातिर के लड़त हई। या तो हमके खर्चा मिले या उ हमके तालाक दे। अभहीं करीब छह महीना होत होई हमार आदमी, ससुर, देवर सब लोग जेल गएल रहलन। ससुर, देवर त एक एक महीना में जमानत पर छूट के आ गइलन लेकिन हमार आदमी तीन महीना बाद छूट के अइलन।हम अपने दूनों बच्चन के लेके अपने नहीयरे में रहत हई। हमार भाई भउजाई हमार साथ देत हयन। वहीं लोग हमके खाए से लेके हमरे बच्चन तक के साथ देत हयन। वही लोग हमके सहारा देत हयन त हम लड़त हई।