नियम कै हुवत उलंघन

sampadkiy
खाना बनावै वाली ज्ञानवती, भानवती

हर जगह हर स्कूल मा नियम बाय कि गेदहरन के ताई रोज खाना बनै ई सरकारी नियम बाय। लकिन अम्बेडकर नगर कटेहरी ब्लाक के शाहपुर प्राथमिक विद्यालय मा दुई हफ्ता से दुपहरे कै खाना नाय बनत बाय। बिहार मा दुपहरे कै खाना खायके जवन गेदहरै खतम भा रहे वकरे बाद से उत्तर-प्रदेश मा भी देखभाल के ताई नियम अउर कमिटी बनाई गै रही। लकिन वहि कमिटी अउर नियम कै कउनौ असर नाय पड़ा? फिर उहै नियम की स्कूल मा गेदहरन का खाना नाय मिलत बाय। हिंआ के प्रधान लल्लन कै कहब बाय कि आठ महीना से पैसा नाय आय बाय। अगर आठ महीना से पैसा नाय आवत बाय तौ हुंआ कै टीचर अउर प्रधान अउर पहिले मांग काहे नाय करिन? बी.आर.सी. कार्यालय के सह समन्वयक अधिकारी रामनिहाल कै कहब बाय कि हम कनवर्जन के पैसा ताई अप्लीकेशन दै देहे हई। आये तौ प्रधान के खाता मा भेजा जाये। अगर स्कूल से अप्लीकेशन पहले दी गै हुवत तौ गेदहरन का भूखे काहे रहै का परत?