नाम खातिर के बनल हव निर्मल गावं

13-03-14  Taza Saraymohana
बहरे जाये के होला शौच खातिर के

जिला वाराणसी, ब्लाक चिरईगावं , गोइठहा पचराव राजभर। इहां पर लगाभग पन्द्रह सौ के आबादी हव। लेकिन एक भी शौचालय नाहीं हव।
गोइठहा के उषा, सुभराज, बिन्दु इ सब लागन के कहब हव कि हमने के पास एक भी शौचालय नाहीं हव। जेकरे पास हव त उ अपने खातिर के रखले हव कि हमने के देई। हमने केसे कहल जाय कोई सुने तब तो। इहां के प्रधान सोनू के कहब हव कि 2013 जून में शौचालय बनवावे के प्रस्ताव देहले हई जब आई तब ने देब।
पचराव के दुर्गावती, सुशीला, अनीता, रामपत्ती समेत कई लोगन के कहब हव कि शौचालय के ना रहे से हमने के केतना परेशानी के सामना करे के पड़त हव। ए समय खेत में भी गेहूं लगल हव। आदमी लोगन के का ओन लोग त कहीं भी इधर उधर चल जालन। लेकिन परेशानी त हम मेहरारू के उठावे के पड़ला। कई बार हमने प्रधान से कहली लेकिन जब प्रधान सुने तब तो।
गोइठहा के प्रधान सरिता राय के पति मटरू के कहब हव कि एतना दिन हो गएल हव जब प्रधान सरिता आपन खेत आज तक जाके नाहीं देखलीन कि खेत के हाल हव त ओन प्रधानी का करीयन। नौ हजार वाला शौचालय पास भयल हव। गावं   के लोग के एक हजार अपने पास से लगा के शौचालय बनवावे के हव। जब गावं  वाला ना लगवहीयन त कइसे बनी।