नाम के हव शौचालय के योजना

22-08-13 Sampadkeeyजिला वाराणसी। जमाना केतना भी आगे काहें ना निकल गएल होए। लेकिन आज भी मेहरारून के शौचालय जाए में परेषानी होला। गावं में त कहीं कहीं मुष्किल से शौचालय होला। मेहरारून के खेत में जाए के पड़ला। जेसे आउ दिन बलात्कार छेड़खानी जइसन तमाम दुर्घटना होल करला।

परियोजना निदेषक इन्द्रेव बतइलन कि सरकार के तरफ से शौचालय के योजना हव। एक शौचालय पर दस हजार मिलि। लेकिन गावं वालन बतावलन कहीं बाइस सौ मिलत हव त कहीं पन्द्रह सौ। अभहीं हाल ही में कमना गावं में एक आवास खातिर के बाइस सौ मिल हव। कुछ लोग इ कह के नाहीं लेलन कि एतने में कइसे बनी। कुछ लोग लेलन लेकिन आधेपर बनवा के रोक देलन। जब सरकार के तरफ से दस हजार मिलला त गावं वालन के काहें एतना कम मिलत हव। सुगुलपुर, धौरहरा समेत आउर कई गंाव के कुछ मेहरारून अपने  इहां  के प्रधान से शौचालय खातिर के कहलीन त से शौचालय खातिर के सुगुलपुर के प्रधान काषी कहलन कि आज के जमाने में कुछ बिना घुस के नाहीं मिलत हव। घुस देबू त मिलि। त वहीं ध् रहरा के प्रधान मिराजुन निषा के लइका कुणाल के कहब हव कि 2012 के पांच आवास के प्रस्ताव देहले हई। अब नाहीं आवत हव त हम कहाँ  से देई।

अगर एही हाल रही त गावं वालन के शौचालय के सुविधा कइसे मिलि। कइसे गावं साफ सुथरा रही। मेहरारून केत आउर मारन हव। कइसे ओन लोग के समस्या दूर होई।