दैवीय आपदी,जनता का मार के ऊपर मार

Light_bulb_clear_bayonet_fittingबुंदेलखण्ड इलाका के बांदा अउर चित्रकूट जिला मा या समय मड़ई पिये खातिर पानी का बूंद बूंद तरसत हवै। सरकार कइती से नियम लागू होइा हवै कि हर गांव मा जानवरन के पियै खातिर पानी का चरही बनवाई जई अउर मड़इन का पानी के समस्या न होय यहिके खातिर नये हैण्डपंप लगवाये जइहैं। यहिकें खातिर जल निगम वाले जोर जोर से कहत हवैं कि हर गांव मा नये हैण्डपंप लगवावैं का काम शुरु हवै। या पानी के समस्या तौ खतम नहीं भे हवै। वा वहिनतान जस के तस जिला के गांव मा आपन गोड़ पसारे हवै। जिला का किसान सूखे के मार से परेशान रहै।
दूसर बात 25 मई का तेज आंधी आवैं के कारन कइयौ जघा पेड़ गिर गें अउर लोगन के जान चली गे हवै। यहिसे कुछ लोगन के घर मा दुख का माहौल बना रहै। तीसर बात समाजवादी पार्टी के कार्यालय मा 24 मई का दुइ जवान लड़कन का बिजली के करंट लागैं से मउत होइगे हवै। या गंभीर घटना होय से जिला मा दुख का माहौल बना रहै। अब या बात सउहें आवत हवै कि येत्ती बड़ी बड़ी घटना होय के बादौ जिला के शासन प्रशासन मउके मा नहीं पहुंच पावत हवै। दैवीय आपदा के तहत लोगन का मिलै वाला मुआवजा भी नहीं मिल पावत हवै। मड़ई मुआवजा खातिर सरकार के चक्कर लगावत लगावत हार के बइठ जात हवैं। मड़इन से पूंछै मा पता लागत हवै कि का फायदा मुआवजा खातिर आवै जाये मा हमार एड़ी तक घिस जात हवै, पै उनका मुआवजा के नाम मा बस भरोसा दइ के विभाग से लउटा दीन जात हवै।