दुनिया की सच्चाई – ज्यादा काम, कम दाम

mgnrega in chitrakoot (web)औरतें पुरुषों के मुकाबले बराबर काम का कम मेहनताना पाती हैं। यू.एन. वुमेन नाम की एक संस्था ने यह सर्वे किया है। यह किसी एक देश की नहीं बल्कि दुनिया के ज्यादातर देशों की सच्चाई है।
27 अप्रैल को जारी ‘ट्रांसफारमिंग इकोनोमिक्स, रियलाइजिंग राइट्स’ नाम की रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में पुरुषों के बराबर काम करने के बावजूद औसतन औरतों को चैबीस प्रतिशत कम भुगतान किया जाता है। इतना ही नहीं कम ही औरतों को पेंशन भी मिलती है। इस रिपोर्ट की मानें तो मौजूदा आर्थिक नीतियां, भेदभाव भरे कानून और लोगों का रवैया इसके लिए जिम्मेदार है।
इस रिपोर्ट के अनुसार खासतौर पर गरीब देशों में पिचहत्तर प्रतिशत औरतें अनौपचारिक क्षेत्रों में काम करती हैं। पूरी दुनिया में सतहत्तर देशों में आज भी कुछ निश्चित काम ही औरतो कर सकती हैं। रात में काम करने की इन्हें मनाही है। फ्रांस, जर्मनी, स्वीटजरलैंड, मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका जैसे विकसित देशों में भी बराबर काम के लिए बराबर वेतन का कानून नहीं लाया गया है।