दुखित नहीं डट के सामना करैं जिन्दगी का

 कोर्रही के फूलकली
कोर्रही के फूलकली

जिला बांदा के अलग-अलग गांव की मेहरिया आपन समस्या बतावैं के साथै बहुतै दुखी रहैं। जबैकि जिन्दगी जियैं मा आवै वाले संघर्ष से डट के सामना करैं का चाही। समस्या से निपटैं खातिर कउनौ न कउनौ उपाय तौ है जेहिका ढ़ूढै़ के कोशिश करैं का चाही। या बात उंई मेहरियन के खातिर आय जिनसे हम मिले हैं।

जिला बांदा, ब्लाक बिसण्डा, गांव कोर्रही। हेंया के फूलकली के मनसवा कामता का पांच साल से टी.बी. के बीमारी है। फूलकली अकेले आपन घर खर्च चलावत है। साथै जुड़े हैं चार बच्चा अउर मनसवा के दवाई का खर्च। फूलकली का सरकारी अस्पताल जाय के मनसवा के बीमारी का कार्ड बनवावैं का चाही। कामता का इलाज सेंत मा होई सकत है अउर कुछ रूपिया भी मिल सकत है। जिला बांदा, ब्लाक तिन्दवारी गांव धौसड़। हेंया के मिथनिया बतावत है कि वा आपन बिटिया के शादी पन्ना जिला, ब्लाक अजयगढ़ के गांव सिंहपुर मा करिस। शादी एक लाख रूपिया के करिस फेर भी दामाद राम मिलन अउर ससुराल वालेन का पेट नहीं भरा। बिटिया राजवती का मइके से रूपिया लावैं खातिर रोजै मारपीट करत रहैं। हद तौ वा दिन पार होइगे जबै राजवती के ऊपर मिट्टी का तेल डाल के जलाये देत रहैं। मोर बिटिया फोन करिस तौ हम लिवा लावा है। जिला बांदा, ब्लाक महुआ, गांव नंदना। हेंया के रहैं वाली फुलिया बताइस कि वा छानी छप्पर के घर मा रहत है। एक साल से विकलांग है। श्री पान बेंच के पेट भरत है। बिटिया है वा भी आंधर है। अगर प्रधान मोहिका या मोरे बिटिया का पेंशन कालोनी, राशनकार्ड जइसी कउनौ लाभ दई दें तौ कुछ सहारा होय। प्रधान से कइयौ दरकी कहिस, पै वा नहीं सुनिस। प्रधान गणेश प्रसाद भरोसा दिहिस कि लोहिया आवास के तहत मिलें वाली कालोनी फुलिया का दीन जई। अब देखैं का या है कि प्रधान आपन बात केतना धनी है।