तालाब सूखे, प्यासे जानवर

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सूखे पड़े तालाब

चित्रकूट। बुंदेलखंड के चित्रकूट ज़िले में पानी एक बड़ी समस्या है। लोग जैसे तैसे व्यवस्था करते हैं लेकिन जानवर क्या करें? बरसात न होने से तालाब सूखे पड़े हैं। ज़िले में कुल उन्नीस सौ तिरानवे तालाब हैं। कई परिवार ऐसे हैं जिनके घर का खर्चा गाए भैसों से ही चलता है। ऐसे में ये लोग हैण्डपम्प से पानी भर भरकर पिला रहे हैं।

कर्वी सिंचाई विभाग के मुंशी कैम्प अमर सिंह ने बताया कि निर्माण खण्ड एक की तरफ से तिरसठ तालाब और छह पोखर भरे गए हैं। निर्माण खण्ड दो के तहत चैदह तालाब और चार पोखर ऽभरे गए हैं। बाकी काम अभी चल रहा है। जुलाई के अंत तक पूरा हो जाएगा।

ब्लाक मऊ। यहां के गांव तुर्गवा, पुरवा गोकुल और देवरिहा में एक तालाब है जो गरमी की शुरुआत से ही सूखा पड़ा है। यहां के बड़ेलाल और रामप्रकाश ने बताया इसमें छह महीने से पानी नहीं है। किसान और जानवर दोनों पानी के लिए भटक रहे हैं।
ब्लाक रामनगर। यहां के गांव सिकरी की रश्मि, रानी और सुमन ने बताया कि सैकड़ों जानवर पानी के लिए तरस रहे हैं। यहां का तालाब भी सूखा पड़ा है। कहां तक हैण्डपम्प से खींच खींचकर इन्हें पानी पिलाएं। जबकि ज़्यादातर खराब पड़े हैं।
ब्लाक मानिकपुर। उमरी गांव की बेला ने बताया कि लगभग दस साल से पोखण्डी तालाब सूखा है। हमारे जानवर पानी के लिए प्यासे घूमते हैं।
ब्लाक कर्वी। यहां के गांव गोंड़ा, पुरवा कोरारी के मिथलेश ने कहा कि हम लोगों के घर का खर्चा गाय, भैंसों पालन से ही चलता है। तालाब सूखा होने के कारण इन्हें हैण्डपम्प से पानी पिलाना पड़ रहा है।