ड्यूटी करब सरल, रूपिया मिलब मुश्किल

रूपिया खातिर तहसील मा दरखास
रूपिया खातिर तहसील मा दरखास

जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, महुआ अउर बिसण्डा। इं ब्लाकन के आंगनबाड़ी अउर शिक्षा मित्रन के सन 2011-2012 के जनगणना मा बी.एल.ओ. के तहत निर्वाचन विभाग लखनऊ से ड्यिूटी लगाई गे रहै। वहिका रूपिया अबै तक नहीं मिला आय। 18 फरवरी 2014 का अतर्रा तहसील मा डी.एम. का दरखास दिहिन हैं। डी.एम. भरोसा दिहिन हैं।
महुआ ब्लाक के गांव खुरहण्ड के प्रभा देवी अउर नरैनी ब्लाक के फतेहगंज के शिक्षा मित्र सुमन सोनी बतावत है कि एक साल तौ कउनौ के छह महीना खातिर सन 2011-12 जनगणना करैं खातिर बी.एल.ओ. के ड्यिूटी लगाई गे रही है। वा ड्यिूटी मा लाग करमचारिन का चिवार्चन आयोग कइत से तीन हजार रूपिया का महीना दें का कहा गा रहै। जउन अबै तक नहीं मिला आय। शिक्षा मित्र राजीव, राम किशोर, रामलाल अउर दिनेश कुमार कहत है कि डियूटी के समय हमैं अतरे दिन तहसील किराया लगा के भागैं का परत है। जेतना मिलत निहाय वहिसे ज्यादा हमार किराया लाग जात है, पै सोचत हन कि अगर सरकार से नियम बना है, तौ मिलै  का चाही।
ए.ड़ी.एम. विजय बहादुर कहत हैं कि बी.एल.ओ. के डियूटी चुनाव आयोग से लगाई जात है। वेतन भी होई से मिली। हर करमचारी का तीन हजार के महीना के हिसाब से एक साल का रूपिया आ गा है। जउन रही गा है, तौ बजट आवैं के बाद मिली।