डिब्बा हटावैं के विवाद मा आयुक्त का करिन रजिस्ट्री

Exif_JPEG_420जिला बांदा, कस्बा नरैनी। हेंया तहसील परिसर मा टाइपिंग का काम कर रहे संतोष बाबू का जउन अब्दुल मजीद एडवोकेट पूर्व महासचिव अधिवक्ता संघ नरैनी का टाइपिस्ट भी है। वा कम्प्यूटर काम करैं खातिर टीन का डिब्बा तहसील गेट के बगल मा रखे रहै। जेहिका पिछले साल होली के समय बिना नोटिस दीने हटा दीन गा रहै।
संतोष बाबू गर्ग का कहब है कि जउन अन्य दुकानदार अउर डिब्बा वालेन का तहसील से नोटिस भी जारी कीन गे रहै, पै उनकी दुकानै नहीं हटाई गई आय। मैं गरीब मड़ई कउनौतान टाइपिंग का काम कइके आपन अउर अपने परिवार का जीवन यापन करत हौं तौ मोर डिब्बा भर काहे हटा दीन गा है। या तौ तहसील मा सौतेला व्यवहार कीन जात हैं। जब कि मैं आपन डिब्बा रखैं खातिर नगर पंचायत अउर तहसीलदार का कउनौ परेशानी निहाय। जउन लोग तहसील गेट के बाहर अतिक्रमण करे हैं कि तहसील का गेट तक दिखाई नहीं परत तहसील के अन्दर तक गन्दगी फइलत है अउर ध्वनी प्रदूषण पैदा होत है। जेहिसे बीमारिन का डेर बना रहत है तौ उनका भी रोका जाय नहीं मोर भी डिब्बा रखावा जाय। यहिसे मैं मण्डला आयुक्त का रजिस्ट्री कइके मांग करे हौं।