डाक्टर दिहिस बिटिया का आपन खून

बिटिया अउर बाप
बिटिया अउर बाप

जिला चित्रकूट, ब्लाक कर्वी, कस्बा भरतकूप। हिंया के शिवशंकर लाल का कहब हवै कि बिटिया सरिता का तीन महीना से बुखार आवत रहै। कइयौ जघा इलाज कीन गा, पै नींक नहीं भा। यहै से जानकीकुण्ड 15 नवम्बर 2013 का लइके गयेंव तौ हुंवा जांच मा खून के कमी निकरी। मोरे बिटिया सरिता का ऋषि जैन डाक्टर आपन एक बोतल खून दिहिस।
कस्बा के शिवशंकर लाल का कहब हवै कि बिटिया सरिता का बुखार आवत रहै। तीन महीना से कर्वी अउर शिवरामपुर मा इलाज करवायें हौं, पै वहिका बुखार नहीं उतरत रहै। बिटिया दिनै दिन कमजोर होइगे हवै। यहिके बाद वहिका पीलिया होइगा। झांड़ फेंूक करायेंव, पै वा नींक नहीं भे आय। यहै से जानकीकुण्ड अस्पताल मा 15 नवम्बर 2013 का भर्ती करावा गा। वहिके जांच भे जांच मा निकरा कि बिटिया के शरीर मा खून नहीं आय। बिटिया दिन भर आंखी मूंदे परी रहत रहै। वहिका खून बी पाजिटेव चढ़ै का रहै। बी पाजिटेव खून बहुतै ढ़ूढ़ा गा, पै नहीं मिला। मैं परेशान होइगे रहौं। मोर परेशानी देख के डाक्टर ऋषि जैन कहिस कि आपन खून बिटिया का दइ सकत हौं। वा तुरतै 16 नवम्बर 2013 का आपन खून एक बोतल बिटिया का चढ़ावै खातिर दिहिस। मैं वा डाक्टर जैन का एहसान कत्तौ न भूलिहौं। वा डाक्टर भगवान हवै। डाक्टर ऋषि जैन से बात करैं खातिर कइयौ दरकी चक्कर लगाये गें, पै बात नहीं भे आय।