जेकरे पास घर हव वही के मिलत हव सरकारी आवास

Gaav Aavas
कैसे होई गुजारा

जिला वाराणसी, ब्लाक चोलापुर, गावं  मवइया दलित बस्ती। इ बस्ती में लगभग बीस घर में एक भी आवास नाहीं हव। लोगन के घर गिर गएल हव। लोग मड़ई में गुजारा करत हयन।
इहां के कमलेश, चित्रकला, महेश इ सब लोगन के कहब हव कि जेकरे पास घर नाहीं हव। हमने के घर गिरल गएल हव। जेकरे पास घर नाहीं हव। ओके घर नाहीं मिलत हव। जेकरे पास घर हव ओके मिलत मिलत हव। जब  गावं के लोग प्रधान से कहियन त प्रधान खाली टाल मटोल करलन। हर समय कहियन कि आई त देब। ए समय घर आवत हव त खाली अमीरन के। गरीबन खातिर के त कुछ नाहीं हव। प्रधान आत्मा पटेल के कहब हव कि पांच आवास आएल रहल। जेकर 2002 के बी. पी. एल. सूची में नाम रहल ओके दिया गएल।