जबै मिली स्कूल तबै डारब वोट

जिला बांदा, ब्लाक महुआ, गांव अधरोरी, मजरा कुलकी पुरवा। हेयां दुई सौ घर के पुरवा मा तीन पीढ़ी बीत र्गइं, पै स्कूल के नाम मा आंगनवाडी तक निहाय। जबै कि या पुरवा अधरोरी गांव से पांच किलोमीटर की दूरी मा है। न महुआ बी.आर.सी. जिम्मेदारी ले अउर न ही बिसण्डा बी.आर.सी.। अब का या जिम्मेदारी नेता मंत्री लई सकत हैंपुरवा मा रहंै वाले मड़ई रामस्वरूप, जगरानी अउर रामदुलारी बतावत हैं-“हमरे गांव मा स्कूल न होय से हमार बच्चा पढ़ नहीं पावत आय। काहे से कुलकी पुरवा अउर अधरोरी गांव क बीच लगभग डेढ़ कोस के दूरी है। छोट-छोट बच्चा यतनी दूरी नहीं जा पावत आहीं। कउनौतान गांव तक जा के पांच तक पढ़ाई कई भी लिहिन तौ आगे के पढ़ाई मा खासकर बिटियन का रोक लगा दीन जात है। यहिसे हमरे गांव के बच्चा शिक्षा के क्षेत्र मा बहुतै पीछे हैं।” फूलकली कहत है-“मैं आपन बिटिया का कक्षा पांच तक अघरोरी गांव मा पढाये हौं। गांव मा जउन भी नेता मंत्री आवत हैं सबसे स्कूल खातिर कहा जात है, पै कउनौ सुनाई निहाय। वोट भी हम तबै देब जबै हमरे पुरवा मा स्कूल बनावैं का कहिहैं।”

स्कूल के समस्या बतावत कुलकी पुरवा के बच्चन के महतारी

महुआ बी.आर.सी. के सह समन्वयक जय किशोर दीक्षित कहत हंै कि वा पुरवा बिसण्ड़ा अउर महुआ ब्लाक के बार्डर मा है। या मारे बिसण्ड़ा बी.आर.सी. प्रभारी अउर हम कइयौ दरकी होंआ स्कूल बनैं का प्रस्ताव बना के भेजा है। 2013-14 मा भी प्रस्ताव बना के भेजा रहै। वा पुरवा के स्कूल खातिर बांदा चित्रकूट सांसद आर.के. सिंह पटेल भी लिखिन रहैं। अब दुबारा प्रस्ताव बना के बांदा जिला पंचायत का भेजब।