चेक का भटकावैं बैंक वाले

या घर मा रहैं का मजबूर
या घर मा रहैं का मजबूर

जिला बांदा, ब्लाक महुआ, गांव जखनी। या गांव मा मई 2013 मा आगी लाग रहै। जेहिसे आग के चपेट मा राम विशाल के घर समेत पांच घर जल के राख होइगे रहैं। तबै से आज तक उंई मड़इन का मुआवजा के चेक नहीं मिली आय। यहिसे उंई बैंक के चक्कर लगा-लगा के परेशान।

गांव का राममनोहर, राम विशाल अउर सहोद्रा कहत हैं-“जबै से आगी लाग तबै से हम बेघर होई गये हन। घरन मा पन्नी डाल के रहत हन। सरकार कइत से आगी लागैं के मुआवजा खातिर अट्ठारह-अट्ठारह हजार रूपिया के चेक भी बैंक मा आ गे हैं। यहिके बाद भी बैंक वाले रूपिया नहीं देत।” महुआ इलाहाबाद बैंक का मैंनेजर कहत है कि उनके चेक हमरे बैंक के नहीं इलाहाबाद यू.पी. ग्रामीण बैंक के आय। हमरे बैंक मा उनके खाता हैं। अगर चेक आ जइहैं तौ चेक हमरे बैंक से आठ दिन मा भंज सकत हैं।