चित्रकूट धाम में शौचालयों की कमी

13-02-14 Kshetriya - Karvi Shauchalayजिला चित्रकूट। जिले के पंद्रह कस्बों में से ज्यादातर कस्बों में शौचालय नहीं बने हंै। यहां रह रहे लोग, यात्रियों और खासकर महिलाओं के लिए यह बड़ी समस्या बन गई है।
लालतारोड के कुलदीप, सरोज और मोहन ने कहा कि बीस साल से शौचालय बनवाने के लिए शासन प्रषासन से कहते आ रहे हैं।
मऊ कस्बे के बस अड्डे पर रोज़ाना हज़ारों लोग आते-जाते हैं फिर भी पिछले वर्ष सालों बाद यहां एक शौचालय बनना शुरू हुआ जो अब तक बन ही रहा है। प्रधान जमुना प्रसाद ने कहा कि वहां शौचालय तुरन्त चालू करवाएंगे।
मऊ के बरगढ़ कस्बे के अषोक चैराहा के गिररधारी और घनश्याम ने बताया कि लोगों को अपनी दुकानें छोड़ कर शौचालय के लिए जाना पड़ता है।
मानिकपुर के भौरी कस्बा में लगभग पंद्रह हज़ार लोग रहत हैं। यह कस्बा इलाहाबाद मेन रोड पर भी पड़ता है। इस वजह से साधनों का आवा गवन बना रहता है। परन्तु सरकार की तरफ से एक भी शौचालय नहीं बना है। रैपुरा कस्बा की चुनकी देवी ने इसे महिलाओं के लिए बड़ी समस्या बताया। बस अड्डे जैसे सार्वजिनक स्थान पर भी शौचालय न होना यात्रा कर रही महिला के लिए बड़ी परेशानी बन जाता है।
कर्वी बेड़ीपुलिया के महेष पटेल ने बताया कि यहां शौचालय पर कुछ लोगों ने कब्ज़ा किया हुआ है।

चित्रकूट के अपर उप जिला  अधिकारी अभयराज का कहना है कि यह बात सही है कि कस्बा क्षेत्रों के मेन चैराहों पर शौचालय की समस्या है। इसके लिए डी.पी.आर.ओ. से कहा जाएगा। डी.पी.आर.ओ. हरी सहाय ने बताया कि अभी लोहिया ग्राम पंचायतों में शौचालयों के लिए बजट आया है। कस्बों के लिए बजट आएगा तब ही बनवाए जाएंगे।