चार महीना गुजरें के बाद नई मिली मजदूरी

TAJAजिला महोबा, ब्लाक कबरई, गांव अतरार माफ के एक दर्जन आदमियन ने 3 मई खा महोबा तहसील में दरखास दई हती। जनवरी के महीना के काम के मजदूरी की मांग करी हे।
सन्तोष कुमार ओर रमेश बताउत हे की गांव मे जनवरी के महीना मे मेड़ बन्धी को काम करो हतो। हमाये जापकार्ड घर मे धरे हे। हाजिरी तक नई चढ़ी हे। एक तो गांव मे काम नई मिलत हे दूसर अगर हाथ विनती करके मिलत हे तो रूपइया नई मिलत हे। अच्छेलाल बताउत हे की मोई अट्ठाइस खन्ती को रूपइया बाकी हे। मोये छह आदमी को परिवार हे। मजदूरी के सहारे रहत हे। ऊ भी समय से नई मिलत हे।
सियारानी बताउत हे की बीस दिन काम करो हतो। परिवार मे सात लोग हे। दो जानवर बनी मजदूरी से परिवार चलाउत हे, हमाये साथ मे बीस लोगन ने काम करो हतो। जीखो रूपइया अभे नई मिलो हे। हम लोग एक-एक रूपइया के लने दवाई गोली खा तरसत हे। सचिव से कहत हे तो ऊ हमेशा गुस्सा मे बात रत हे। कहत हे की कोन हमने कहो हतो की काम करो। प्रधान से कहत हे तो ऊ कहत हे की सबक खाता मे भेज दओ हे।
सचिव अनिल पाठक बताउत हे की मार्च साल को आखिरी महीना हतो, खातन मे बजट भी नई हतो। कछू मजदूरन के खाता संख्या गलत हो गये हते। अभे केन्द्र सरकार ने बजट भेजो हे। एक हफता के भीतर सबके खातन मे रूपइया पोहोच जेहे।

रिपोर्टर – सुनीता प्रजापति