चारा घोटाले में फंसे नेता, मिली सजा

(फोटो साभार: विकिपीडिया)
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रांची। बिहार के चारा घोटाले के मामले में दोषी पाए जाने पर लालू प्रसाद यादव को पांच साल की सजा और 25 लाख रुपए का जुर्माना लगा है। 3 अक्तूबर 2013 केा बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और जेडी (यू) के सांसद जगदीश शर्मा को चार साल की सजा सुनाई गई है। जगन्नाथ मिश्र पर 2 लाख और जगदीश शर्मा पर 5 लाख का जुर्माना लगा है। पूर्व विधायक आर. के. राणा को पांच साल कैद और 30 लाख जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट के हाल के फैसले के अनुसार लालू और जगदीश शर्मा संसद की सदस्यता गंवा बैठेंगे तथा अगले 11 साल तक वह चुनाव भी नहीं लड़ सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने दस जुलाई 2013 के में आए फैसले के अनुसार दो साल से ज्यादा कैद की सजा पाए जाने वाले विधायकों और सांसदों की सदस्यता खत्म हो जाएगी और वो चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। जगदीश शर्मा बिहार के जहानाबाद से और लालू यादव सारण से सांसद हैं। सीबीआई की विशेष अदालत ने 30 सितंबर को सभी 45 आरोपियों को दोषी ठहराया था।

– जनवरी, 1996में पशुपालन विभाग के दफ्तरों पर छापा मारने के बाद पता चला कि विभाग ने कई फर्जी कंपनियों को चारे का बजट जारी किया है।
– 11 मार्च 1996 पटना हाई कोर्ट ने सीबीआई को जांच का आदेश दिया।
– 23 जून, 1997 सीबीआई ने लालू प्रसाद को आरोपी बनाया।
फरवरी, 2002 रांची की विशेष सीबीआई अदालत में सुनवाई शुरू हुई।
– 17 सितंबर, 2013 विशेष सीबीआई अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
– 30 सितंबर, 2013 बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद और जगन्नाथ मिश्र तथा 45 अन्य को सीबीआई ने दोषी ठहराया।
– 3 अक्तूबर 2013 लालू प्रसाद को तथा और पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र को चार वर्ष की कैद की सजा सुनाई।