चर गांव का भौंरी गांव मा न जोड़ै

 

कउन सुनी हमार
कउन सुनी हमार

जिला चित्रकूट, ब्लाक मानिकपुर, गांव चर। हिंया 2012-13 मा जनगणना भे रहै। तबै से या गांव का भौरी गांव मा शामिल कीन जात हवै। या कारन लगभग दुइ सौ मड़ई समस्या से जूझत हवैं। यहिके खातिर डी.एम बलकार सिंह का कइयौ दरकी लिखित दरखास भी दीन गे।

या समस्या का लइके कर्वी एस.डी.एम संजीव सिंह से बात भे। उनकर कहब हवै कि लेखपाल से जांच कराई जई। तबै कुछौ होइ सकत हवै।
गांव के कोदिया, राजकुमारी, उदयनारायण, दिलसुख अउर हीरालाल समेत दस लोगन का कहब हवै कि चर गांव मा कइयौ पीढ़ी से रहित हन। भौंरी के बाजार मा खेत हवै। हिंया झोपड़ी बना के रहित हन। हमार पहिचान पत्र, आधार कार्ड सबै चर गांव के बने हवैं। कालोनी भी हवैं अउर रानी लक्ष्मी बाई योजना के तहत रूपिया भी मिलत हवै। हम सोचित हन कि हमार गांव चर गांव रहै। भौंरी गांव मा न जोड़ा जाये। यहै से 29 जनवरी 2014 का कर्वी एस.डी.एम का लिखित दरखास दीेने रहेन। अगर हमार सुनवाई न होइ तौ आगे कुछौ सोंचा जई। पता नहीं कि काहे रोज नियम अउर कानून बदले जात हवैं।