घर में शौचालय फिर भी क्यों खुले में शौच कर रहे हैं बांदा जिले में

बांदा जिला के महुंवा ब्लाक बड़ोखर बुजुर्ग गांव मा पइसा के अभाव मा आधे बने हैं। जेहिके कारन मडई घर मा शौचालय होय के बादौ खुले मा शौच करत है। आराधना बताइस है कि प्रधान कहत है कि अपने से गड्ढा खोदके बनवा लेव। मैं पइसा दई देहूं। अब बनवा लीन्हें हन तौ पइसा नहीं देत आय। छपाई, छत, दरवाजा सबै लगवावै उर बनवावे का पड़ा है। कसत से मेहरियन का सुरक्षित बनाइहैं मोदी जी।

मधु का कहब है कि मेहनत मजदूरी चइत, अगहन करित है। हमार नहीं कीन होत आय तौ अब हम कहां जई। रूकमणी बताइस कि हमार नहीं आय तौ सड़के जइत है बहू बेटियन का अच्छा लागत है। कउनौ का एक्सीडेंट होई जाय तौ वा मर जाये तौ का करी। प्रधान से अबै कहे हन तौ कहत रहै कि अपने से बनवा लेव। पिछले साल कहत रहै कि मिल जई, पै आज तक पता नहीं चला कि मिलिहैं कि नहीं। गड्ढा खोदा पड़ा है।

खुशबू का कहब है कि हम दुई बहनी हन अउर दुई भईया छोट है। उनका रात मा शौच करावे खातिर घर से बहुते दूरी जायें का पड़त है। तौ बहुते परेशानी होत है। प्रधान प्रतिनिधि बतावत रहें कि समस्या यहै है की कबहूँ-कबहूँ जिला से पइसा नहीं समय मा आवत आय तौ थोड़ी से रुकावट आ जात है।तीस शौचालय बनगे हैं अउर तीस पैंतीस शौचालय बने वाले हैं। पइसा खाता मा आ जई तौ बनवा दीन जई।दस दिन पहिले पैंतालीस शौचालय के मांग की चुके हौं। पइसा रुके के कारन उनकर शौचालय आधे बने पड़े है।

रिपोर्टर: प्रमिला

Published on May 2, 2018