घड़ा ही हमारा फ्रिज

13-05-15 Mano Karvi - Ghada wali webजिला चित्रकूट। हाय रे गर्मी! इस तरह की कड़कडाती धूप से आने जाने में हाल बेहाल हो जाता है। बार बार प्यास लगती है। शहरों में हर घर में फ्रिज होता है, ठण्डा पानी मिल जाता है पर बहुत से इलाके ऐसे है जहां आज भी लोग ठण्डा पानी पीने के लिए मिट्टी का घड़ा इस्तेमाल करते हंै।
इसी तरह से इलाहाबाद जिले के मीरापुर इलाके से आई पचपन साल कि शायरा बानो हर साल गर्मी में मई के महीने में अपने परिवार के साथ घड़ा लेकर चित्रकूट बेचने आती है। उसने बताया कि वह इस काम को सदियों से करते आ रहे है। घड़ा खुद बनाते भी हंै और खरीद कर भी बेचती हैं। एक घड़े की कीमत बीस रूपए से लेकर सौ रूपए तक होती है। वह क्यों चित्रकूट ही बेंचने आती है यह पूछने पर उसने कहा कि इलाहाबाद में इसका महत्तव उतना नहीं रहा। चित्रकूट में वह पिछले पांच वर्ष से आती है। यहां के लोग घड़ा बहुत पसंद करते है। उनके लिए यही फ्रिज का काम करता है।