खुलेआम घूम रहे दंगा भड़काने वाले

जिला लखनऊ। पीलीभीत के कलीनगर कस्बे में 11 अप्रैल को एक लड़की के साथ हुए बलात्कार के बाद सांप्रदायिक दंगे हुए। मगर दंगों के आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया। इसको ले रिहाई मंच ने 13 मई को डी.जी.पी. से मिलकर लिखित शिकायत की गई है। उनका आरोप है कि उत्तर प्रदेश सरकार सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वाले लोगों का साथ दे रही है। रिहाई मंच संस्था पिछले दस सालों से मानव अधिकार के मुद्दों पर काम कर रही है।
रिहाई मंच नेता जैद अहमद फारुकी ने बताया के 11 अपै्रल को जिला पीलीभीत, थाना माधौटांडा, कस्बा कलीनगर में सुबह दस साल की हिन्दू लड़की से पचपन साल के मुस्लिम व्यक्ति ने बलात्कार किया था। उसकी गिरफ्तारी उसी दिन हो गई। इसके बावजूद भाजपा और लोजपा के नेताओं ने आठ बजे रात को कलीनगर पुलिस चैकी के सामने के मंदिर में जमा होकर लाउडस्पीकर से सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाले भाषण दिए। जिससे लोग गुस्से में आकर लूटपाट, फायरिंग करने लगे और मुसलमानों की दुकानो में आग लगा दी। लगभग दो घंटे तक यह चलता रहा। मगर प्रशासन नहीं पहुंचा। इसकी रिपोर्ट 12 अपै्रल को थाना माधौटांडा में दर्ज हुई। मामले की जांच उपनिरीक्षक वीरेन्द्र सिंह को दी गई। लेकिन 20 मई तक कोई आरोपी गिरफ्तार नहीं हुआ था। आरोपी अपने खिलाफ गवाही देने वालों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।