खत्म हुवत जात बाय कुंआ कै नामोंनिशान

kasba final 1 copyजिला अम्बेडकरनगर, ब्लाक कटेहरी। हिआ प्राकृतिक पानी कै स्त्रोत कुंआ कै तौ स्थिति एकदम खतम होइगै। जहां कहूं हइयौ बाय मनई उपयोग नाय करत हइन। केहू यकै ध्यान नाय दियत।
अस्सी साल कै बुजुर्ग रमेशचन्द्र मिश्र, चुलबुल यादव, रामप्रताप, रामसिंगार, चिनगी अउर राजेन्द्र प्रसाद कै कहब बाय कि ऐसन सूखा पहिली बार परा बाय। अगर सरकार न चेते तौ ई इतिहास कै पन्ना बनि जाये। जिला मा सैकड़न कुंआ होइहैं लकिन सबकै दुर्दशा खराब बाय। जेतना कुंआ गांवन मा रहा सब पाटि जियत हइन। जवन नाय पटा बाय वहू के सुरक्षा कै ध्यान नाय दिया जात बाय। पूरे तहसील क्षेत्र मा कुल चार सौ बहत्तर राजस्व गांव मा कउनौ कुंआ के जल कै उपयोग नाय किया जात बाय। कुंआ रहत रहा तौ बरसात कै पानी वही मा एकट्ठा हुवत रहा। खेत के सिंचाई मा भी काम आवत रहा। मनइन कै नहाब धोउब खाना पीना सब कुंआ से हुवत रहा। अब यकै कउनौ महत्व नाय रहिगै। कुछ साल पहिले कुंआ के मरम्मत के ताई सरकार योजना चलाये रही। लकिन जिम्मेदारी ब्लाक स्तर से ग्राम पंचायत का दै दियागै। यकै काम खाली कागज पै रहिगै। शिकायत हुवय के बसद सरकार योजना वापस लै लिहिस।
खण्ड विकास अधिकारी राजकुमार त्रिपाठी कै कहब बाय कि कुंआ के संरक्षण व मरम्मत खातिर कउनौ योजना नाय बाय। यकै देखभाल ग्रामपंचायत कराथै।