क्या होता है समितियों के बनाने से

IMG00178शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत सरकारी स्कूलों में विद्यालय प्रबन्धन समिति बनाई गई थी। यह समिति अब दोबारा से बनने जा रही है।
जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, गांव रामनगर निस्फ। यहां के प्राथमिक विद्यालय को अप्रैल 2013 में आदर्श स्कूल का दर्जा मिल चुका है। यह स्कूल लगभग 2001 से चल रहा है। विद्यालय प्रबन्धन समिति का गठन 23 जुलाई 2011 को हुआ था। इसकी छह महिला सदस्य और छह पुरूष सदस्य हैं। इन्चार्ज प्रधानाध्यापक मन्नूलाल सचिव और अध्यक्ष रामबहोरी ग्राम प्रधान हैं। जब से समिति का चयन हुआ तब से कई बार मीटिंग तो की गई लेकिन यह मीटिंग कागजों तक ही सीमित है।
इन्चार्ज हेडमास्टर मन्नूलाल का कहना है कि अब इस समिति का गठन कराऊंगा। वैसे भी इस समिति के बनने से बहुत दिक्कत है। क्योंकि मीटिंग के लिए अगर लोगों को बुलाया जाता है तो नहीं आते हैं। इसलिए हम भी रिपोर्ट बना के भेज देते हैं।
बांदा जिला के बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप चैधरी का कहना है कि विद्यालय प्रबंधन समिति को बनने के लिए जिले के सभी हेडमास्टरों और प्रधानों को आदेश दे दिया गया है। समितियों का बनना शुरू हो गया है। मीटिंग में लोगों के न शामिल होने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि लोगों में जागरूकता की कमी है। जब जागरूकता हो जाएगी तो मीटिंग में लोग शामिल होगें। इस काम को करने में हम पूरा प्रयास करेंगे।