केन नदीं के पास बसे गांवन मा भी गहराये लाग पेयजल संकट

जिला बांदा। हेंया पानी का संकट दिनै दिन गहरात जात है। केन नदी के पास बसे आधा दर्जन से ज्यादा गांव मा पूरे जिले मा पानी के वाटर लेबिल नीचे होई जाय से पानी के समस्या है। शासन प्रशासन घोषणा तौ तमाम करत है, पै सच मा उनका काम पूरी तान से नहीं होई पावत आय। अगर यहै हाल रहा तौ मई के महीना तक मड़ई बूंद बूंद पानी का तरस जई। विभाग कइत से भेजे गे पानी टैंकरन से लोगन के कहां तक पूर्ती होई।
बड़ोखर खुर्द ब्लाक के गांव गंछा। हेया का सेवालाल, मातादीन अउर राजकुमार का कहब है कि हमरे गांव के आबादी लगभग ढ़ाई हजार है, पै पेयजल व्यवस्था हैण्डपम्प अउर कुअन के भरोसा रहै। जेहिमा से अब कमला खरे रामजानकी मंदिर के बगल मा माता प्रसाद अउर रामाधार कुंआ सूख चुके हैं। यहिके अलावा जल संस्थान अउर जल निगम कइत से लाग 13 हैण्डपम्पन मा से कुल तीन हैण्डपम्प चालू हैं। बांकी के सब हैण्डपम्प पानी देब बंद कइ दिहिन हैं। यहिसे हम लोग परेशान हन।
नरैनी कस्बा। हेंया के मेन बाजर का हैण्डपम्प महीनन से खराब है। यहिसे बाजार मा रहैं वाले लोगन का बहुतै परेशानी है।
कालिंजर कस्बा। हेंया के कमला, सुरतिया अउर रन्नो का कहब है कि हमरे गांव मा भी पानी के बहुतै समस्या है। मेन बाजर के पास तौ लगभग तीन सौ घरन के बीच एक हैण्डपम्प है। जउन छह महीना से खराब परा है। सप्लाई वाले नल का भी कउनौ ठिकाना निहाय। काहे से कि सप्लाई वाला नल कतौ सात दिन मा एक दिन आवत है। टैंकरन से आवैं वाले पानी मा कउनौतान गुजारा होत है।
सचिव अनिरूद्ध सिंह का कहब है तरहटी कालिंजर मा चार टैकर पानी खातिर लाग है। 130 हैण्डपम्प हैं जेहिमा से 15 पानी देब बंद कइ दिहिन हैं अउर रोज का दुई चार हैण्डपम्प बंद होत हैं। पानी का लेबल 2 से 250 फुट के गहराई मा चला गा है। यहिसे पानी के समस्या है।