का होत योजना के बने

महोबा जिला में एते के ऊ गांव हे जिते आधार कार्ड बने के एक साल पेहले सर्वे में कछु आदमियन के नाम छुट गये हे। ऊमे भी तीन दिन के समय में कर्मचारी देर से आउत हे। जीसे आदमी परेशान हें। आखिर कर्मचारी ई बात को काय नई ध्यान देत हे देखो जाये तो कबरई ब्लाक के बरात पहाड़ी गांव में परिवार सहित लगभग बीसन आदमी के सूची में नाम नइया। जीसे ऊ आधार कार्ड बनवायें खा परेशान हे। ओते 9 सितम्बर 2013 से 11 सितम्बर 2013 तक को समय आधार कार्ड बनवायें के लाने हतो। जीमें कर्मचारियन ने 10 सितम्बर दोपहर एक बजे से काम शुरू करो हे। जभे कि एसे कामो में दो टीम बनायें खा चाही कि एक टीम काम करे ओर दूसर टीम जाके गांव में देखे की ऊ योजना को लाभ कोन-कोन आदमियन तक पोहोच पाओ हे। जीसे गांव के आदमियन खा लाभ मिल सके। काय से कर्मचारी तो आपन खाना पूर्ती करे खा एक जगह बेठ के आपन काम कर लेत हे। ओर फिर जनता आपन काम करायें खा अधिकारिन के पछाऊं पछाऊं घूमत रहत हे। जभे कर्मचारियन खा कोनऊ काम शुरू होय से पेहले नियम कानून पता होत हे कि ऊ काम में कित्ती समय हे ओर केले करने हे। जेसे कि आधार कार्ड बने लाने केन्द्र सरकार को नियम हे कि पांच साल के बच्चन से लेके बूढ़न तक के बनने हे ओर तीन दिन को समय हतो। फिर भी कर्मचारी काम में इत्तो घपला काय करत हे। ई बात की जवाब अधिकारिन खा अपने कर्मचारियन से लेय खा चाही