काहे नाय मिलत बिजली जमा बिल कै रसीद

gavo bijli fainal2फैजाबाद अउर अम्बेडकर नगर मा बिजली से काफी अधिक समस्या बाय। समय पै लाइट नाय आवत अगर अउबौ करै तौ बार-बार कटाथै। अक्सर देखा जाथै कि जब इग्जाम कै टाइम आवाथै तौ ज्यादा यस हुआथै। बिजली कनेक्षन धारक बिल जमा करत करत परेषान होय जाथिन। लकिन उनका रसीद नाय मिलत अउर वै रजिस्ट्रर मा कर्जदार बना रहाथिन।
ऐसा ही कुछ भै मया ब्लाक के बाकरगंज कस्बा मा। यहिकै मनई लगभग चालिस साल से बिजली लेहे अहैं। इनके आरोप बाय कि यै सब हर महीना पावर हाउस जायके बिल जमा कराथे। लकिन आज तक रसीद नाय मिली। अउर न ही कभौं उनके घरे बिल जमा करै कै पर्ची आय। जब यै वावर हाउस जायके पता कराथिन तौ वहिकैं अधिकारी ई कहिके वापस कराथिन कि रसीद भेज दिये हई। बाजार से कहां गायब हाकइगै पता नाय।
अगर अधिकारी द्वारा यहि प्रकार से बर्ताव कीन जाये तौ बिजली उपभोक्ता तौ कर्जदार बना रहि जइहै? अक्सर सुनै मा आवाथै कि जे मनई बिजली कै कनेक्षन नाय लिये रहते उनहूं के हिंआ बिल जमा करै कै पर्ची भेजाय दीन जाथै? अब यहमा अधिकारी कर्मचारी कै गल्ती न ठहराये तौ केका ठहराये?
यहि तरह कै समस्या जउने मनई के घरे होये वकरे तौ पैर तले जमीन खिसक जाये। अगर यही तरह से भै तौ मनई हमेषा कजै मा डूब के जान गंवाय बैठाथिन। अगर जांच के बाद सही काम कीन जाए तौ षायद यस गल्ती न हुवय। अउर उपभोक्ता कर्जदार न बना रहैं।