कांग्रेस के सरकार न बनै से जीतै के बाद भी मोहिका नहीं मिली कउनौ सुविधा

Exif_JPEG_420जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, ग्राम पंचायत सढ़ा मजरा रामगंज। या गांव के शकुन्तला उर्फ मीरा 2012 के विधान सभा चुनाव मा सढ़ा पंचायत से कांग्रेस पार्टी का चुनाव लड़ी रहै अउर वा 2660 वोटन से कांग्रेस के महिला अध्यक्ष मा जीत हासिल करिस रहै। अब वा दुई साल से भारतीय किसान यूनियन के सहयोगी भी है, पै वहिका न तौ किसान यूनियन मा बोलैं का मौका मिलत आय न कांग्रेस महिला अध्यक्ष पद मा कउनौ लाभ मिला आय। यहिके बाद भी वा आपन हिम्मत नहीं हारी।
शकुन्तला उर्फ मीरा बतावत है कि मोरे चार लड़का हैं। मनसवा खतम होइगा है। आपन ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ैं अउर जीत हांसिल करैं मा बहुतै खुशी मिली रहै, पै कांग्रेस के सरकार न बनै से हमार कउनौ मान्यता न रही न कउनौ सरकारी सुविधा मिली आय। जबैकि हर पार्टी के नेता मंत्रिन का देखत हन कि उंई कउनतान शान सउख से गाड़िन मा चलत हैं। यहिके बाद भी मैं आपन पूर कोशिश करत हौं कि मोर ग्राम पंचायत के हर समस्यन का निपटारा होय।
जउन भी मोहिसे काम बनत है अउर लोगन का सहयोग होई सकत है, तौ गांव से लइके तहसील तक बराबर करत हौं। शकुन्तला उर्फ मीरा या भी बताइस मैं एक गरीब अउर असहाय औरत हौं ज्यादा पढ़ी लिखी भी निहाऊ, पै आपन नाम लिख लेत हौं। किसान यूनियन के साथै जुड़ी तौ हौं, पै कतौ बाहर उनके यूनियन मा जा नहीं पावत आहूं। या मारे किसान यूनियन के बइठक मा ज्यादा बोलै के कोशिश भी नहीं करवें, पै कांग्रेस पार्टी के महिला अध्यक्ष होय के नाते आपन हक अधिकार तौ लेब जानत हौं। कांग्रेस के सरकार न आवैं से मोर जीत भी कउनौ मतलब के नहीं रही न शासन स्तर से कउनौ सरकारी सुविधा मिली आय।
राजनिति मा आवैं के कांशिश अउर हौंसला अउर आगे बढ़चढ़ के भाग ले के बहुतै कोशिश करेंव अउर यहै सोच लइके चुनाव मा जीत भी हांसिल करे रहौं कि मोरे क्षेत्र मा कुछ विकास होई। जहां बिना पानी किसान भुखमरी के कगार मा ठाड़ है अउर पूरे सढ़ा क्षेत्र के जमीन परती परी है, सोच पूर नहीं भे या बात का बहुतै दुख है।

रिपोर्टर – गीता