कहीं कार्ड नहीं तो कहीं राशन ही नहीं

जिला चित्रकूट। मई 2013 से पूरे जिले में ज़ोर शोर से राषन कार्ड के फार्म भरे जा रहे थे। पर किसी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई है कि किस कारण फार्म भराए जा रहे हैं। राशन मिलने की बढ़ती समस्या को खबर लहरिया ने हर ब्लाक में पाया।
ब्लाक कर्वी, गांव रामपुर माफी। यहां के कामता और हिरिया का कहना है कि मेहनत मज़दूरी से ही परिवार का पेट भरते हैं। हम लोगों को लाल राषन कार्ड मिलना चाहिए पर दस साल से कोई कार्ड नहीं है।
ब्लाक मऊ, गांव सुरौंधा। यहां के राजकुमार और रामधनी ने बताया कि दस साल से कोई भी राषन कार्ड नहीं बना है। इस कारण कई काम रुके रहते हंै। प्रधान रामसजीवन से कहा तो उन्होंने कहा कि अभी नए राषन कार्ड नहीं बन रहे हंै, बनेंगे तो बता देंगे।
ब्लाक मानिकपुर, गांव बसिला का अतरौली पुरवा। यहां के सुक्कू और गिरजा का भी किसी तरह का राषन कार्ड नहीं बना है। गांव बघौड़ा में राम जियाई और रामपाल पांच साल से राषन कार्ड के लिए परेषान हैं। उनके पास कोई राषन कार्ड नहीं है। रामप्रकाष और चुन्नी का कहना है कि लाल राषन कार्ड है लेकिन नवम्बर माह का कोटेदार स्वयंप्रकाष ने अभी तक सामान नहीं दिया है।
जिला पूर्ती विभाग के बाबू रामचरन का कहना है कि जिनको कोटेदार सामान नहीं दे रहा है वह लोग कर्वी तहसील में दरखास दें। राषन कार्ड बनाने के लिए कोटेदारों को आदेष दे दिया गया है। नए राषन कार्ड बनाने के लिए सूची कोटेदार को दी गई है। अगर वह काम नहीं करेगें तो जांच कराई जाएगी।

कर्वी नगर पालिका के बाबू सुभाष चन्द्र का कहना है कि पुराने राषन कार्ड को आनलाइन कम्प्यूटर पर डाला जा रहा है। इस ही लिए फार्म भरे जा रहे हंै जिसमें पहचान पत्र, दो फोटो, निवास प्रमाण पत्र और बैंक की पास बुक की कापी जमा करनी है। नए राषन कार्ड नहीं बन रहे हैं। शासनादेश है कि नए राशन कार्ड जब बनेंगे तो उनकी जि़म्मेदारी कोटेदारों को सौंपी जाएगी।