कली-कली बिखरे गेंदा के फूल भये बरबाद

मनोहर
मनोहर

जिला महोबा, ब्लाक कबरई, गांव करहरा कलां। एते के मनोहर सिंह राजपूत ने दस बीघा खेती में गेंदा के फूल की फसल बोई हती। जोन 27 फरवरी से 1 मार्च 2014 तक भई बिन मौसम बारिश से पूरी फसल बरबाद हो गई हे। जीखे कारन ऊखो परिवार भुखमरी खे कगार में आ गओ हे।
मनोहर ने बताओ कि में दस साल से गेंदा के फूल की खेती करत हों। जीमें गेंदा के छोट-छोट पौधा लेके खेत में लगाउत हों। जीमे एक साल में लगभग नब्बे हजार रूपइया को खर्च हो जात हे। जभे फसल तैयार हो जात हे तो चालिस रूपइया किलो के हिसाब से फूल बेंचत हों। मोये फूल बांदा, कानपुर ओर झांसी जेसे केऊ शहरन में जात हें। ई साल में आपन परिवार को पेट पालहों। काय से ई साल मेंने फसल लगायें में रूपइया खर्च तो कर दओ हतो, पे कमाई एकऊ रूपइया की नई भई आय। जोन खेत में फूल देखे से हंसी आउत हती। ओते जाके देखे में आंखन से आंसू गिरे लागत हें। सब आदमियन ने तो अपने खेतन में चना, मटर मसूर जेसी फसलें बोई हें। जीखा सरकार के एते से मुआवजा मिल जेहे, पे पता नई मोई फसल की भरपाई केसे होहे।
प्रधान मूलन्द्र ने बताओ कि मेंने लेखपाल खा बोला खे पूरे गांव को सर्वे करा दओ हे। ज्यादा जानकारी लेखपाल दे सकत हें।
लेखपाल किशोरी लाल ने अताओ कि मेंने पूरे गांव को सर्वे करके ऊखी रिपोर्ट बना खे शासन खा भेज दई हे। जेसे चना, मटर, मसूर बोये वाले किसानन खा मुआवजा मिलहे। ऊसई मनोहर सिंह खा भी मुआवजा दओ जेहे।