कब तक रही अंधियारे में

13-02-14 Gaav Dumitva
ना जाने कब आई हमने के बिजली

जिला वाराणसी, ब्लाक चिरईगावं, चोलापुर, हरहुआ गावं अल्लोपुर, तारापुर, दुमितवा, बेला। इ सब गावं के करीब चार हजार लोग पीढि़यो से अंधियारे में रहत हयन। लेकिन इहां अभहीं तक बिजली नाहीं आएल हव।
दुमितवा गावं के चुलबुल, गामा, रामलाल, शिवकुमार इ सब लोगन के कहब हव कि इहां पर खम्भा त लग गएल हव लेकिन बिजली नाहीं आएल हव। मिट्टी के तेल भी महीना में खाली दू लीटर मिलला। महीना भर चल नाहीं पावत। घर में अंधियारा रहे से बच्चन के पढ़ाई लिखाई भी नाहीं हो पावत। अल्लोपुर के कुमारी, कन्हैया, पिन्टू इ सब लोगन के कहब हव कि हमने बिजली खातिर के कई बार विधायक से भी कहली लेकिन जब कोई सुने तब तो। बेला गावं के रामआसरे यादव, अशोक इ सब लोगन के हमने कई बार विधायक के इहां गए लेकिन विधायक कभी हमने से मिलबे नाहीं करतन।
विधायक त्रिभुवन राम के कहब हव कि दू साल पहिले एक योजना आएल रहल तब हम कई गावं में खम्भा लगवइली। लेकिन बीच में योजना बन्द हो गएल आउर पइसा भी वापस चल गएल। बिजली विभाग के अधिशासी अभियन्ता ई. वी. पी. सिंह के कहब हव कि 2013 के राजीव गंाधी योजना पास भयल हव, लेकिन अभहीं शुरू होवे में समय लगी। सर्वे होई जहाँ सौ के आबादी रही वहाँ पर बिजली लगी।