कब तक भिंगत रही आटा पिसान

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इ हाल हव घर के

जिला वाराणसी, ब्लाक हरहुआ, गावं जमुनीपुर पटेल बस्ती। इ बस्ती में लोग कई पीढ़ी से कहत हयन। लेकिन अभहीं तक कोई के आवास नाहीं मिलल हव। जहाँ के आबादी लगभग सौ घर के हव। प्रधान से कहाला त प्रधान भी नाहीं सुनत हयन।
इ गावं में रहे वाली लालता, लाची देवी इ सब लोगन के कहब हव कि हमने इहां एक पीढ़ी से रहल जाला। हमने के बुढ़ापा आ गएल लेकिन अभहीं तक हमने के आवास नाहीं मिलल हव। हमने के पहिले के घर हव वही में रहत रहे। अब हमने के समझ में नाहीं आवत हव कि हमने इहां  रहल जाए। हमने के त खेती बाड़ी भी नाहीं हव कि मड़ई डाल लेवल जाए। प्लास्टिक डाल के हमने रहल जाला। बरसात के दिन में त प्लास्टिक भी फट जाला। पानी घर में चुवल करला। वहीं में हमने रहल जाला। कभी कभी ज्यादा पानी भर जाला त हमने के बइठे के भी जगह नाहीं मिलत। जब हमने प्रधान से कहल जाई त प्रधान कहीयन कि आएल नाहीं हव जब आई त देब।
इ सब के बारे में प्रधान पप्पू पाठक के कहब हव कि जेकर सुची में नाम नाहीं हव उ मड़इयो में रहे एसे हमसे मतलब नाहीं हव। जब सूची में नाम रही तब हम कुछ करवा सकीला। लेकिन एदवा पारी हम सूची में नाम डलवा देब।