कबै होई जंगल के बीच बसे पटेल जाति के सुखारी पुरवा का विकास

Exif_JPEG_420जिला बांदा, ब्लाक नरैनी, ग्राम पंचायत नौगवां, मजरा सुखारी पुरवा। जंगल के बीच टिकुरा मा बसा लगभग दुई सौ परिवार के पटेल जाति का सुखारी पुरवा बिजली, पानी, नाली, खड़ण्जा, सड़क गन्दगी अउर स्वास्थ्य शिक्षा जइसे समस्यन  का शिकार बना है। या गांव के लोगन के मउत भी होय लाग तौ रात बिरात अउर बारिश के समय गांव से बाहर नहीं जा सकत आय न या दूर दराज के जंगली इलाका वाले गांव मा कउनौ अधिकारी झांक हेरैं आवत आय। श्यामबहादुर का कहब कि जंगल के बीच बसा या गांव विकास का तरसत है। गर्मी के समय तेज धूप मा हेया खड़ण्जा न होय से धूल उड़त है। सफाई न होय से गन्दगी बनी रहत है। या फेर लोग अपने अपने दरवाजे के सफाई खुद करत हैं। पानी खातिर हैण्डपम्प जवाब दई देत हैं। या मारे मड़ई अउर जानवर दूनौ बेहाल हैं।

Exif_JPEG_420रामकेश अउर जगप्रसाद कहिन कि सड़क न होय से साधन नही चलत बाजार हाट या दवाई गोली करावैं जाय का होय तौ खटोली मा पार के मरीजन का पांच किलो मीटर दूरी खेतन से गुजर के सड़क तक जाय का परत है। यहिके बाद साधन अउर अस्पताल तक पहुंचब होत है। चाहे होंआ तक पैदल लइ जाय मा कउनौ के मउत होई जाय। अगर बारिश का समय है तौ कमर से पानी भर जात है। चार महीना बच्चन का स्कूल बंद रहत है अउर कउनौ भी गांव से बाहर नहीं निकर सकै। गौरी अउर फूला कहत हैं कि जंगल मा बसे गांव का उजियारे जरूरत है। बिजली न होय से पूर गांव अंधकार मा डूबा रहत है। जेहिसे चोर बदमाशन का डेर बना रहत है। बी.डी.ओ. नरैनी रामकिशन का कहब है कि गांव मा नाली खड़ण्जा निहाय तौ प्रधान वहिके खातिर प्रस्ताव बना के जमा करै। हैण्डपम्पन मा पाइप बढ़वावैं जेहिसे पानी के समस्या न होय।