कत्तौ अन्ना जानवर तौ कत्तौ चारा के समस्या

kasba anna jaanwar for webजिला चित्रकूट, ब्लाक मऊ, कस्बा मुरका। हिंया धान, उर्द अउर तिल के फसल लगा दीन गे हवै, पै अन्ना जानवर के मारे या फसल का बहुतै नुकसान हवै। यहै से किसान यूनियन के कमेटी मीटिंग भी करनि, पै आपन जानवर बाधैं का मड़ई नाम नहीं लेत आय।
कल्लू, रामबालक, अच्छेलाल, दीनानाथ का कहब हवै कि बाजार से लइके बीज बोवा हन। अन्ना जानवर न बाधें जइहैं तौ हमार किसानन का बहुतै नुकसान होइ। यहै से एक महीना पहिले मुरका कस्बा मा मीटिंग कीन गे अउर कहा गा कि मड़ई आपन जानवर बांध ले अन्ना ना राखै नहीं जउन बीज खेतन मा बोवा गा। वा सबै का नुकसान होइ। यहै बात का लइके मऊ तहसीलदार कतवारूराम से बात कीन गे। उनकर कहब हवै कि प्रधानन के साथ मीटिंग कीन जई अउर अन्ना जानवर मा रोक लगाई जई। मड़ई न मानी तौ कारवाही कीन जई।
ब्लाक मानिकपुर, गांव हनुवा पतेरिया। हिंया के शिवशरण, हीरा सुख्खी समेत कइयो मड़ई मिलके 14 जुलाई 2014 का मानिकपुर तहसील मा दरखास दिहिन अउर जानरव के चारा भूसा अउर गौशाला के मांग करिन हवैं। काहे से भगवान पानी नहीं बरसात सूखा परा हवै। जानवर के कुछौ खाये का नहीं आय।
पतेरिया मजरा के हीरा का कहब हवै कि सरकार जानवर खातिर कुछौ व्यवस्था नहीं करत। इनतान के सूखा परा हवै। जानवर का खइहैं। आज काल सुबेरे हरा चारा जाम आवत रहै तौ जानवर के चरै का दूब होइ जात रहै तौ खूबै दूध होत रहै। अब पूर दूध सूख गा हवै। यहै से चारा, भूसा अउर गौशाला के मांग करित हन। गौशाला बनब जरूरी हवै।
मानिकपुर एस.डी.एम.सी.पी उपाध्याय का कहब हवै कि दरखास का सरकार के लगे भेज दीन जई।