कइसे हमने के पियास बुझी

handpamp
आय दिन बिगड़ल रहला ई हैंडपम्प

जिला वाराणसी, ब्लाक चिरईगावं, गावं बहलोलपुर राजभर बस्ती। इहां पर एक हैण्डपम्प हव। वही हैण्डपम्प में से इहां के करीब सत्तरह घर के लोग पानी पियलन। लेकिन हर समय उ हैण्डपम्प बिगड़ल रह से इहां के लोग के पानी पिए में बहुत दिक्कत होल करला।
इहां के गुलाबी, विमला, चमेली, गीता, उषा इ सब लोगन के कहब हव कि हैण्डपम्प रहले कउनों फायदा नाहीं हव। हर समय त इ बिगड़ल रहला। जब पाइप में पानी आवला त हमने भर के रख लेवल जाला आउर वही पानी से आपन काम चलावल जाला। जब पानी खत्म हो जाई आउर पाइप ना चालू होई त जाके लोग के घरे से लेवे के पड़ाला। लोग अपने पइसा के लगवइले हयन। कभी कभी त नाहीं भी चालू करलन। हमने कई बार गंाव के प्रधान से कहे कि या तो इ हैण्डपम्प के अच्छा से बनवा दा या फिर नया हैण्डपम्प लगवा दा। जब ओन पुराना हैण्डपम्प बनवावत नाहीं हयन त नया कइसे लगवहीयन। हमने के पास एतना पहुंच नाही हव कि हमने विधायक से जाके कही।
प्रधान माधुरी कन्नौजिया के कहब हव कि सब काम हमार पति देखलन। लेकिन एन लोग के आवे के चाही। आउर सामान ले जाके बनवावे के चाही।-