कइसे भराई पेट

जिला वाराणसी। जहाँ एक तरफ केन्द्र सरकार आउर राज्य सरकार में खाद्य सुरक्षा के लेके बहस होत हव त वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर हालत इ हव कि गावं वालन के राषन मिले में आनाकानी होत हव। अभहीं हाल ही में खाद्य सुरक्षा के लेके लखनऊ में सपा सरकार के खिलाफ खूब धरना होत हव। जेके लेके सपा सरकार भी गंम्भीर हो गएल हव। आउर गावं वालन खातिर के खा़द्य लेके ज्ल्दी ही नया नियम बनावे वाला हव।
वैसे तो सरकार के तरफ से गावं वालन खातिर के राषन के नियम हव कि अन्त्येदय आउर लाल कार्ड वालन के पैतींस पैतींस किलो राषन मिली। सरकार के तरफ से नियम त निकल गएल हव लेकिन इ नियम कहाँ तक काम करत हव इ त गावं वालन के ही मालूम हव। कई गावं के लोगन के कहब रहला कि हमने के राषन कम मिलला। त कुछ लोग के कहब रहला कि हमने के अचछा राषन नाहीं मिलला।
सरकार से लेके कोटेदार तक के लोग आपन आपन सुना देहियन त गावं वालन  कहाँ जहियन। जब जेकर सरकार रही उ अपने अपने मन से एक नया कानून बनावल करी। जनता भी का करी कठपुतली के तरह इधर से उधर करल करला।