औरतन खातिर भी मौका हवै

mahila mudda phoulkumari copyजिला चित्रकूट, ब्लाक कर्वी, मुहल्ला शत्रुघनपुरी। 48 साल के फूलकुमारी पुलिस के वर्दी मा सलवार कुर्ता पहिने डी. एम. आफिस मा ठाढ़ रहै। खबर लहरिया वहिके जिन्दगी के बारे मा अउर काहे होमगार्ड के नौकरी करै के बारे मा बात करिस।
फूलकुमारी बताइस कि मोर शादी कर्वी मा 25 बरस पहिले भे रहै। मनसवा राजू पांच साल के बाद पता नहीं कहां चला गा हवै। मोरे तीन बच्चा हवैं। उनका परेशानी झेलै के बाद पाल के बडा कीने हौ। मोरे आगे पीछे कउनौं नहीं रहै। भाई बीमार रहै तौ वा कहिस कि अब तौ आपन खर्च खुदै उठावै का तैयार होइ जा। या कारन सहेली लक्ष्मी चैहान जउन होमगार्ड के नौकरी करत रहै। वहिसे कहेंव वा मोर फार्म डलवा दिहिस। भगवान के मर्जी अउर मेहनत के कारन नौकरी लाग गें। जबै नौकरी का फार्म आ गा तौ मोर भाई कहिस तै घर से निकरिहै तौ गोड़ काट देहूं। मंहू गुस्सा गई कहेंव काट दें मोर गोढ वा हंसिया लइके ठाड़ होइगा। मैं डेरा गईव कि कत्तौ सही मा न गोड़ काट दें पै हिम्मत करेंव कि अब तौ मैं काम करिहौं। 35 रुपिया फेर 75 रुपिया मिलत रहैं महीना मा 1100 रुपिया मिलत रहै वहिसे तीन बच्चा पालत रहौं आज मोर बच्चा बड़े होईगे  हवै।
डियूटी डी.एम. आफिस मा मड़इन के मिलाई खातिर लाग हवै। या समय 6500 रुपिया मिलत हवै, पहिले 1100 मा घर चलत रहै, पै मंहगाई नहीं रहै। औरतें चाह लें तौ कउनौ काम मुश्किल नहीं आय।

 खबर लहरिया ब्यूरो