एक कइती हैण्डपम्प नहीं लाग दूसर कइती बिगड़ा हैण्डपम्प

खराब परा हैण्डपम्प
खराब परा हैण्डपम्प

जिला चित्रकूट, ब्लाक रामनगर, गांव ढढ़वार पुरवा छोटका मटियार। हिंया दस बरस से हैण्डपम्प नहीं लाग आय। लगभग साठ घरन के मड़ई पानी का परेशान हवैं। पानी भरै एक किलो मीटर सड़क पार कइके जात हवैं।
हिंया के सुनीता, ननकी मन्झी समेत दस मेहरियन का कहब हवै कि या पुरवा मा हैण्डपम्प नहीं लाग आय। पानी भरै के चक्कर मा मजूरी करै अउर लड़कन बिटियन का पढ़ै जाये का देर होइ जात हवै। पानी भरै का लाइन लगावै का परत हवै। प्रधान से कहा गा, पै नहीं सुनत आय। हैण्डपम्प लग जाये तौ परेशानी दूर होइ जाये।
प्रधान चुन्ना प्रसाद का कहब हवै-” मैं पांच हैण्डपम्प लगावैं खातिर ब्लाक मा आठ महीना पहिले लिखित दीने हवै। जबै हैण्डपम्प पास होइ तौ लगवावा जई।”
जिला चित्रकूट, ब्लाक मऊ, गांव हर्दीकला, मजरा डीह। हिंया तीन बरस से हैण्डपम्प खराब हवै। दलित बस्ती के सौ मड़ई पानी पियै का परेशान हवंै। दूसर रिबोर अबै तक नहीं भा आय।
हिंया के दुर्गावती, सामनी, श्यामवती अउर सुनीता समेत दस मेहरियन का कहब हवै कि तीन बरस से हैण्डपम्प खराब परा हवै। मिस्त्री हैण्डपम्प का बनावै आवा रहै तौ कहिस कि वा न बनी प्रधान से कइयौ दरकी कहा गा, पै रिबोर नहीं करवावत आय। कहि देत हवै कि दूसर रिबोर करवा देहू पै अबै तक नवा हैण्डपम्प नहीं लाग आय। कुंआ से पानी भरित हन। मजूरी करै चले जइत हन तौ छोट छोट बच्चा पानी पियै का तरसत हवैं।
प्रधान पंकज देवी के मनसवा देवशंकर का कहब हवै कि अबै वा पुरवा के दूसर रिबोर करवावैं खातिर नहीं पास भा आय। जबै पास होइ तौ हैण्डपम्प लगवा दीन जई।