इराक के शहरों में आतंकवादी, युद्ध के माहौल में फोन लाइनें ठप

तल अफर, इराक। ‘इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड सीरीया’ (आई.एस.आई.एस.) नाम के सक्रिय आतंकवादी संगठन ने वहां की सरकार को चुनौती दी है। कई शहरों पर कब्ज़े के बाद अब ये राजधानी बगदाद की तरफ बढ़ रहे हैं और तल अफर शहर पर कब्ज़ा जमा चुके हैं।
यहां के निवासियों ने अखबारों को फोन के ज़रिए बताया कि गोलाबारी के बीच शहर की सड़कों पर आतंकवादी ट्रक पर मशीन गनों के साथ घूम रहे हैं। इस संकट से निपटने के लिए इराक की सरकार ने अमेरिका देश का दरवाज़ा खटखटाया है कि वे हवाई हमले शुरू कर दंे। अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा विचार कर रहे हैं कि इस पर क्या कार्यवाही की जा सकती है पर उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना को इराक नहीं भेजा जाएगा। इराक के पड़ोसी देश इरान ने कहा कि इराकी सरकार के मांगने पर वे भी सलाह के रूप में सहयोग देने को तैयार हैं।

चालीस भारतीय अगवा

कई शहरों में लोग अगवा हुए भारतीयों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।
कई शहरों में लोग अगवा हुए भारतीयों की सलामती के लिए दुआ कर रहे हैं।

मोसूल, इराक। मोसूल शहर में आई.एस.आई.एस. के आतंकवादियों ने चालीस भारतीयों का अपहरण कर लिया है। ज़्यादातर पंजाब राज्य के ये सभी लोग ‘तारिक नूर अल्हुदा’ नाम की निर्माण कंपनी में काम कर रहे थे।
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केंद्र सरकार से कहा कि उनकी सरकार पंजाबियों को इराक से वापस लेने का खर्च उठाने के लिए तैयार है। 20 जून को सरकार ने इन लोगों को कहां रखा गया है, यह पता कर लिया। इराकी सरकार भी उन्हें छुड़ाने की कोशिश कर रही है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज इन लोगों के परिवारों से मिलीं।
इनके अलावा छियालिस नर्सें भी एक अस्पताल में फंसी हुई हैं। भारत सरकार ने अपने संदेश में उन्हें सलाह दी है कि वे बाहर न निकलें। कुल मिलाकर इराक में करीब दस हज़ार भारतीय हैं।