इतिहास को इनकी तस्वीरों ने जि़न्दा रखा है

होमई व्यारावाला
होमई व्यारावाला

नई दिल्ली। दिल्ली के त्रिवेणी कला संगम हॉल में 31 जनवरी से 24 फरवरी तक एक खास फोटोग्राफी प्रदर्शनी लगी है। ये फोटोग्राफी प्रदर्शनी है भारत की पहली महिला फोटो पत्रकार होमई व्यारावाला की तस्वीरों की।
लगभग तीन दशकों के अपने कार्यकाल में उन्होंने दस हज़ार से ज़्यादा तस्वीरें खींचीं। इन में से कुछ इस प्रदर्शनी में देखी जा सकती हैं। औरतों की शिक्षा और व्यवसायी योग्यताएं, युद्ध का प्रचार, उस समय के मुम्बई और दिल्ली जैसे शहरों की झलक यहां तस्वीरों में दिखती है।
होमई व्यारावाला का जन्म 9 दिसंबर 1913 को गुजरात राज्य के नवसारी शहर में पारसी परिवार में हुआ था। उनका काम था अखबारों और पत्रिकाओं के लिए तस्वीरें खींचना। उन्होंने 1938 में फोटोग्राफी के क्षेत्र में प्रवेश किया था। 15 जनवरी 2012 को अट्ठान्बे साल की उम्र में उनका देहांत हो गया।
होमई ने अपने समय में कई ऐसी जस्वीरें खींचीं जो आज इतिहास का एक ऐसा चहरा दिखाती हैं जो शायद होमई के योगदान के बिना छिपा रह जाता। ये तस्वीर साल 1950 से पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की है जब वे किसी नेता के इंतज़ार में बैठे थे।