आवास के लगल आस

22-08-13 Taza aawas 1
कभी भी गिर सकला उ घर

जिला वाराणसी, ब्लाक चोलापुर, गावं चन्द्रावती बस्ती मुसलमान। इहां के मुसलमान बस्ती में करीब दू सौ घर के आबादी हव। लेकिन कोई के पास आवास नाहीं हव। इ समस्या लगभग तीस साल से हव। कोई लोग अपने मड़ई में टीना त कोई लोग प्लास्टिक डाल के रहत हयन।
इ बस्ती के बफाती, शहनाज इ सब लोगन के कहब हव कि हमने के रहे के घर नाहीं। हमने मड़ई में प्लास्टिक डाल के रहीला। जब बरसात हावे लगला त कउनों भी जगह नाहीं मिलत ना तो सामान रखे के ना तो अपने छुपे के। हमने के पास एतना पइसा त नाहीं हव कि हमने घर बनवावाल जाए। पहिले त हमने बिनकारी के काम करत रहे त पेट चलत रहल लेकिन जबसे बिनकारी के काम बन्द भयल हव तब से त हमने के पेट चलब भी मुश्किल हो गएल हव। गारा मिट्टी के काम करल जाला त कइसो कइसो पेट चलत हव। प्रधान से कहल जाई कि एक ठे घर दे देवल जाई लेकिन जब प्रधान सुने तब तो।
इ सब के बारे में प्रधान कैलाश के कहब हव कि आवास नाहीं आवत हव। नवम्बर 2012 के पाँच आवस के प्रस्ताव देहले हई। अभहीं नाहीं आएल हव,हम कहाँ से देई।