2014 का किया स्वागत

02-01-14 Manoranjan - Karvi Phoolलोगों ने अपने-अपने हिसाब से खुषियां मनाकर एक दूसरे को बधाई दी। नया साल आते ही फूलों के दाम आसमान छू लेते हैं। एक ऐसा जमाना था जब लोग नहीं जानते थे कि नया साल क्या होता है। लेकिन बदलते मौसम के साथ सब कुछ बदल रहा है।
जिला वाराणसी, गांव सन्दहा की करीब सत्तर साल की ष्यामा और जिला चित्रकूट, ब्लाक कर्वी, मुहल्ला भरतपुरी की षीबू और नौषाद ने दुनिया में और कई लोगों के समान घूमघामकर, रिष्तेदारों को फूल देकर और नाच-गााकर नए साल का अपने जीवन में ज़ोरों षोरों से स्वागत किया।
चित्रकूट के मानिकपुर ब्लाक के गांव डोड़ामाफी के बादल कमाने के लिए बाहर रहते हैं लेकिन नए साल पर अपने घर आ जाते हैं। बादल ने बताया कि अब नए साल का महत्व मालूम हो गया है – नए साल पर खुषियां मनाओ तो साल भर खुषियां मिलने की उम्मीद रहती है।