11 साल की एल्मा का पहला ओपेरा

साभार:शी द पीपल
साभार:शी द पीपल

ग्यारह साल की एल्मा डीयूत्च्हेर ने अपना पहला ओपेरा लिखा है-ओपेरा एक प्रकार के गीत का लेखन है जो पश्चिमी संगीत से जुड़ा है और यूरोप में, ख़ास कर इटली के देश में शुरू हुआ था। इसे एक नाटक के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। एल्मा केओपेरा कानाम हैसिंडिरेल्ला और वहइसे अगले महीनें विएना शेहरमें प्रस्तुत करेंगी।
एल्मा इंग्लैंड की रहने वाली हैं और एक संगीतकार, गुणी पियानोवादक और संगीत कार्यक्रमों में वायलिन भी बजाती हैं।
उनके प्रशंसकों में संगीत के प्रसिद्द रचयिता ज़ुबिन मेहता और वायलिन बजाने में माहिर ऐनी-सोफी भी शामिल हैं।
ज़ुबिनने एल्मा को ओपेरा मंच तक लाने में काफी मदद कीहै। एल्मा का कहना है कि दो साल की उम्र में रिचर्ड स्ट्रॉस (उन्नीसवे सदी में जर्मनी के मश्हूर रचयिता)द्वारा रचित लोरी को सुनने के बाद उन्हें संगीत से प्यार हो गया था।
वह कहती हैं, “जब मैं चार साल की थी तबलोरी समाप्त होने परमैंने अपने माता पिता से पूछा, ‘संगीत कैसे इतना खूबसूरत हो सकता है? ’तभी से मैंने अपने मन में इन विचारों को लाना शुरू कर दिया। मैं तब लिखती नहीं थी बस अपने मन में सभी विचार बैठा लेती थी और सिर्फ पियानो बजाती थी।”
एल्मा की तुलना अकसरमोटज़ार्टसे की जाती है, अठारवें सदी के एक बहुत प्रसिद्द रचयिता जो ऑस्ट्रिया के रहने वाले थे और जिन्होंने 8 साल की उम्र में अपना पहला ओपेरा लिखा था। सिंडिरेल्ला ओपेरासिंडिरेल्ला की कहानी पर आधारित है पर उसमें कुछ रोमांचक बदलाव हैं, ये एल्मा का कहना है।
एल्मा अपने कार्यक्रम के लिए अब बहुत उत्सुक है, “मैं सपने देखती हूँ कि कैसे सब कुछ, साथ मंच पर कैसा लगेगा और मैं बहुत उत्साहित हूँ।”

 साभार: शी द पीपल