हैंडपंप से निकलते दूषित पानी को क्यों पीने को मजबूर हैं बांदा जिले के बल्लान गाँव के लोग

बांदा जिला के ब्लाक बिसंडा के गांव बल्लान मा तीन हैंडपंप हैं, पै कउनौ का पानी पियै लाइक नहीं आय। मजबूरी मा मड़इन का गंदा पानी पियै का पड़त है। या पानी पियै से बीमारी फेइले का आशंका बनी है। 3 अप्रैल का मड़इ एसडीएम का दरखास दिहिन हैं, पै अबै तक कउनौ सुनवाई नहों भे आय। शकुन्तला का कहब है कि नल मा खारा पानी निकरत है या पानी मा केवल कपड़ा, बर्तन धोइत है। पियै का पानी कत्तौ बोर से तौ कत्तौ दूसर टोला से लइत है। एक नल अउर है, पै वा नल मा गंदा पानी निकरत है। अनूपा सिंह बतावत रही है कि पानी तौ देत हैं, पै बहुत बदबूदार पानी देत है। वा पानी पियै लाइक नहीं रहत आय। चार साल पुरान नल केवल एक साल नींक पानी दिहिस है। वहिके बाद से गंदा पानी देत है।  शिकायत कीने हन अउर प्रधान से भी कहे हन। राजकुमारी बताइस कि पानी तौ मीठा निकरत है, पै सुबेरे नींक पानी देत है, दिन मा बालू-बालू देत है। वहै पानी का थिरा-थिरा पियत हन।
गांव के मड़इन का कहब है कि हम सब प्रधान से बतायें हन कि यहिके रिपोर्ट ऊपर भेजवा दे अउर तहसील दिवस मा एसडीएम,बीडीओ का भी अप्लिकेशन दीने हन,पै अबै तक कउनौ सुनवाई नहीं भे आय। वा नल मा कम से कम पचास घर के मड़इ पानी पियै का भरत हैं। गंदा पानी पियै से बीमारी फ़ेइलत है। बच्चा बीमार पड़े रहत हैं। वा पानी तौ जानवरौ तक नहीं पियत आहीं।
सहायक अभियंता मनोज कुमार बताइस कि मैं हुंवा जाके एस.डी.एम साहब के पास जउन सूची है वा कापी दइ दीन जइ।
एस.डी.एम.प्रहलाद सिंह का कहब है कि बात करै से पता चला कि हुंवा के मड़इ जउन काम करावे का कहत हैं वा प्राइवेट आय। सरकार कइती से नल नहीं लाग आय। प्राइवेट नल तौ घर-घर लाग सकत हैं।         

रिपोर्टर- सुनीता

Published on Apr 19, 2018