हाथ से बुने हुए स्वेटर, टोपी तो बहुत देखे होंगे, चलिए ललितपुर, इसे बनाने का तरीका सीखने

11/10/2017 को प्रकाशित

सर्दी षुरू होते ही षहरों जिला ललितपुर गांवए कुआघोशी। सर्दी का महीना षुरू होते ही बाजार में ऊनी कपडे दिखाई पडने लगते है। परन्तु हाथ से ये ऊनी कपडे कैसे बनतें है। आइये आपको बतातें है कुमाघोशी गांव में रहने वाली पूजा और कांति तरह तरह के क्रोषिया से ऊनी कपडे बनाती है। जैसे टोपा मोजा थालपोष और झालर आदि। पूजा का कहना है कि पांच साल पहले हमनें अपनी भाभी से क्रोषिया में थालपोष और झालर बनाना सीखा था। मुहल्ले की सभी लडकिया इस काम को सीख रहीं है। पहले कालेज पढने जाते है फिर खाली समय में क्रोषिया से बुलाई करते है। कांति ने बताया कि हम क्रोषिया से थालपोष मोजा और झालर बनातें है।

बाइ लाइन सुशमा देवी