हर रोज निकलला नया योजना

जिला वाराणसी, ब्लाक चोलापुर गावं सामेदायिक स्वास्थ्य केन्द्र। इहां  के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर डिलीवरी वाली मेहरारून के नाश्ता पानी नाहीं मिलत हव।
अल्लोपुर के सुनीता राजापुर के सरिता बरइछा के सन्जू के कहब हव कि इहां  पर दीवार पर आउर कई जगह पर लिखल हव कि निशुल्क जाँच होई। पंजीकरण होई आउर खाना नाश्ता मिली। लेकिन इ सरकारी अस्पताल में कहीं भी अइसन सुविधा नाहीं हव। इहां  पर कुछ भी नाहीं मिलत। हमने के इहां  पर डिलीवरी भयल हव। इ सब सुविधा खाली कागज पर लिखल हव। गरीब के कहाँ कुछ मिलो। उपर से डिलीवरी के समय हजार पन्द्रह सौ डाक्टर आउर दाई के देवे के पड़ला। हमने केसे कहल जाय। जेसे भी कहल जाई कहियन निशुल्क हव।
डाक्टर अधिक्षक डाक्टर प्रेमदास अधिकारी के कहबहव कि तीन चार दिन सेखाना नाश्ता बन्द हव। अब दूसरे तरह व्यवस्था होत हव।