हम योग दिवस नहीं मृत्यु दिवस मना रहे हैं – बांदा जिले के किसानों का योग दिवस पर क्रोध और विरोध

जिला बांदा, कस्बा बांदा 21 जून का अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस मनावा गा है।प्रधानमन्त्री नरेद्र मोदी लखनऊ मा योगी के साथै योग दिवस मनाइन है। पै बांदा जिला के किसान योग दिवस मा मउत दिवस मनाइन है किसान कहत है कि हमार मांग पूर नहीं कीन गे आय।यहै कारन हम योग दिवस का मउत दिवस के रूप मा मनावा है जेहिसे हमार आवाज मोदी सरकार तक पहुंच सकै।
महिला मोर्चा के मण्डल अध्यक्ष राजाबाई बताइस कि जबै मोदी सरकार जीता रहै तौ किसानन खातिर बड़े-बड़े वादा करिस रहै।पै बाद मा कुछ छोट किसानन का कर्जा माफ़ कइके वाह-वाही लूटत है।पै अबै भी किसान आत्महत्या करे का मजबूर है।पुलिस अउर फौजी के मरे मा जिंदा बाद के नारा लगाये जात है।पै अनाज पैदा करे वाले किसान के आत्महत्या मा कुछौ नहीं होत आय।हम सरकार से आपन हक मांगित है खैरात नही मांगित आय।हमार सुनवाई न होइ तौ हम आत्महत्या करबै।किसान यूनियन सदस्य साकेत बताइस कि योग दिवस का हम मउत का दिवस मनाइत है।रास्ता मा हम मउत योग करबै।
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष बलराम तिवारी का कहब है कि हेंया 95 प्रतिशत किसान कर्जदार है सरकार कुछ किसान के कर्ज माफ़ करिन है सरकार जब तक किसानन के समस्या अन्नाप्रथा स्वामी नाथन के रिपोर्ट के ऊपर काम अउर किसान आयोग के मांग पूर न करिहैं तौ हम यहिनतान मउत दिवस मनावत रहिबै।किसानन का उनकर हक दीन जायें तौ हमहूं मउत दिवस के जघा योग दिवस मनाइबै । मण्डल अध्यक्ष बैजनाथ अवस्थी का कहब है कि किसान कर्जा के कारन मरे के कगार मा है यहै कारन योग दिवस मा किसान योग के जघा मृत आसन करत है।

रिपोर्टर- गीता देवी

21/06/2017 को प्रकाशित